Saturday, February 2, 2013

Dr Kumar Vishwas - Jab Chua Tulsi Chaura


Dr Kumar Vishwas

जब छुआ साथ तुलसी चौरा ,
आखोँ में साँसों को खींचे ,


तुम से जो वादा किया कभी ,
पड़िया जी के पीपल नीचे ,

तुम ने चाहा था खुश रहना 
खुद, ख़ुशी सदा मुझ से सीखे ,

दुनिया भर के संकल्प सतत ,
पूरे होते मुझ में दीखे ,

खुद से अनुबंध किया है अब ,
मन को निर्बंध किया है अब ,

गत-विगत मुक्त हो सकने का 
सम्पूर्ण प्रबन्ध किया है अब ,

इस नए साल के पहले दिन ,
तुम से बाहर सोचा तो है ,

मन-प्राण सुमरनी छोड़ेंगे , 
सुनते तो है होता तो है ,
काफी है.........!

Dr Kumar Vishwas

Fashionara

1 comments:

प्रभावशाली ,
जारी रहें।

शुभकामना !!!

आर्यावर्त
आर्यावर्त में समाचार और आलेख प्रकाशन के लिए सीधे संपादक को editor.aaryaavart@gmail.com पर मेल करें।

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